Published - 20 Jul 2020
सरकार की ओर से किसानों के लिए कई लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही है। उनमें किसान क्रेडिट कार्ड योजना किसानों के लिए काफी उपयोगी है। पहले इस योजना में कृषि के लिए किसानों को कृषि ऋण दिया जाता था पर अब इसका स्वरूप और अधिक व्यापक कर दिया गया है। अब इस योजना का दायरा बढ़ा कर पशुपालन, मत्स्यपालन तथा कृषि से जुड़े अन्य कार्यों को इसमें जोड़ दिया गया है। इससे किसान कम ब्याज दर पर लोन मिलना आसान हो गया है।
इस योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों को मिले इसके लिए देश भर में किसानों एवं पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना से जोडऩे के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने 31 जुलाई तक 1.5 करोड़ डेयरी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना से जोडऩे का लक्ष्य रखा है। इसी क्रम में हरियाणा राज्य सरकार द्वारा पशुपालकों को पशु किसान क्रेडिट कार्ड दे रही है जिसके तहत राज्य सरकार ने 31 जुलाई तक 1 लाख पशुपालकों को पशुकिसान क्रेडिट कार्ड देने का लक्ष्य रखा है।
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हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री जे.पी. दलाल ने कहा कि प्रदेश में अगले एक सप्ताह में सभी आवेदकों को पशु किसान क्रेडिट कार्ड मुहैया करवा दिए जाएंगे। इसके अलावा, 31 जुलाई तक एक लाख और आवेदक क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन फार्म के सत्यापन के बाद एक माह के अंदर उन्हें क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक लाख में से जिन आवेदकों को क्रेडिट कार्ड अभी तक नहीं दिए गए हैं, उन्हें अगले एक सप्ताह में कार्ड दिलवाना सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक एक सप्ताह के अंदर बुलाई जाए ताकि पशु किसान क्रेडिट कार्ड वितरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलाई जा सके।
यह योजना ऐसे किसानों के लिए शुरू की गई है जो खेती के साथ-साथ पशुपालन भी करते हैं। कई बार पैसों की कमी के कारण किसानों को अपने पशु बेचने पड़ते है। इसी तरह कई बार पशु के बीमार हो जाने पर पैसा न होने की वजह से वे उनका इलाज भी नहीं करवा पाते। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू किया गया है, जिनमें पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना (पीकेसीसी) एक महत्वकांक्षी योजना है, जिससे किसान अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई पशु किसान क्रेडिट योजना पशुपालकों को आत्म निर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री जे.पी. दलाल ने पशुपालकों का आहवान करते हुए कहा कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। योजना के तहत गाय-भैंस के अलावा भेड़-बकरी, सुअर व पोल्ट्री फार्म के लिए बगैर गारंटी के 1 लाख 60 हजार रुपए तक के ऋण का प्रावधान किया गया है तथा गांरटी के साथ 3 लाख रुपए तक ऋण मुहैया किया जाएगा।
पशु किसान क्रेडिट योजना के तहत किसी भी बैंक से 1.60 लाख रुपये तक का लोन लिया जा सकता है। कार्ड पर सालाना 7 प्रतिशत का साधारण ब्याज लिया जाएगा और समय पर भुगतान करने पर 3 प्रतिशत ब्याज दर (अधिकतम 3 लाख रुपये की लोन सीमा) पर भारत सरकार सब्सिडी भी देगी। इस तरह इस योजना के तहत किसान क्रेडिट कार्ड योजना (पीकेसीसी) धारक को 4 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से लोन मिल सकता है। 1.60 लाख रुपये तक के लिए किसी सिक्योरिटी की भी जरूरत नहीं होती।
श्री दलाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पशु किसान क्रडिट कार्ड योजना 2020 शुरू की गई है। इस योजना के जरिए किसान लोन लेकर अपने पशुओं की देखभाल अच्छे से कर सकेंगे। इस योजना के अंतर्गत पशु किसान क्रेडिट कार्ड पशुओं की संख्या के अनुसार जारी किया जाएगा, जो इस प्रकार है।
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