भारत में व्यावसायिक खेती
वाणिज्यिक कृषि, एक प्रकार की खेती है जिसमें फसलों को आर्थिक / व्यापारिक दृष्टिकोण से उगाया जाता है। वाणिज्यिक खेती में बड़ी मात्रा में उत्पादन के लिए बड़े भू-भाग पर कृषि मशीनरी, खाद-बीज-रसायनिक उर्वरक व नवीनतम तकनीक के साथ वाणिज्यिक फसल को उगाया जाता है।
व्यावसायिक खेती के प्रकार
व्यावसायिक खेती कृषि को मुख्यत: तीन वर्गों में विभाजित किया जा सकता है।
1. वाणिज्यक अनाज की खेती : इस विधि में किसान विस्तृत भूभाग पर अनाज की खेती करते हैं और उसका बाजार में व्यापार करते हैं। गेहूं, मक्का, कपास, तंबाकू, गन्ना प्रमुख व्यापारिक फसल है।
2. वृक्षारोपण खेती : कृषि और उद्योग के मिश्रण से वृक्षारोपण खेती का रूप सामने आया है। वृक्षारोपण खेती में प्रमुख वाणिज्यिक फसल नारियल, चाय, काफी, कोको, रबड़, गोंद, केला आदि हैं।
3. मिश्रित खेती : मिश्रित कृषि पद्धति में फसलों की खेती और पशुपालन शामिल है। इसमें पशुओं के लिए चारा भी उगाया जाता है।
ट्रैक्टर जंक्शन पर प्रमुख वाणिज्य फसल की जानकारी
भारत के कई राज्यों में वाणिज्यिक कृषि होती है। इनमें पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडू शामिल है। देश में व्यापारिक कृषि में बहुत अधिक निवेश की आवश्यकता होती है। ट्रैक्टर जंक्शन पर आपको प्रमुख वाणिज्यिक फसलें, प्रमुख व्यापारिक फसलें, वाणिज्यिक खेती क्या है आदि की जानकारी मिलती है। वाणिज्यिक खेती से संबंधी जानकारी के लिए ट्रैक्टर जंक्शन के साथ बने रहें।